2 Comments

  1. Parvinder singh

    दिमाग के उजड़े कोने से …….

    आजी पाक वालो नमस्कार…कैसे हो…फटी न

    ओए नवाज नमस्कार
    हम तुम्हें ठोककर लौट आए हैं तोड़कर एलओसी का बाड़
    बेगुनाहों को मारने वालों को मौत की नींद सुलाकर आए हैं
    तेरे टटुओं को तेरे ही आंगन में ठोक आए हैं
    हमने बता दिया है कि जो हमारे देश की तरफ आंख उठाएंगे
    उन्हें हम उसी के घर में मारकर आएंगे
    हमने तुम्हारे बंदों के पछवाड़े तसल्ली से तोड़े हैं
    बेगुनाहों को मारने वालों के मृत शरीर तुम्हारे लिए छोड़े हैं
    ये हमारी मेहरबानी समझना
    दोस्ती के पैगाम तुम्हें पसंद नहीं आए, अब इसे ही कबूल करना
    बेगुनाहों का खून बहाना छोड़ दो,
    नहीं तो तेरा नामोनिशान मिट जाएगा
    इस्लामाबाद तक हिंदुस्तान बन जाएगा
    तुम जब देखो एटम बम की धमकी देते हो
    क्या इसे नारियल समझ रखा है
    फोड़ा और निकल गए,
    बेटा ये कोई पलम नहीं,
    तुम एटम तो तब फोड़ेंगे जब तुम्हारे हाथ हम छोड़ेंगे
    हाथ ही नहीं रहेंगे तो क्या फिर एटम बम को चाटकर फोड़ेंगे
    सुधार जाओ
    नहीं तो एटम बम को तुम्हारे पछवाड़े में बत्ती बनाकर जोड़ेंगे
    फिर इसे लाहौर में आकर फोड़ेंगे
    ——————————————————————-
    दिमाग का उजड़ा कोना…..
    वो पूछते हैं आखिर मरा कौन

    हम उनके घर से जनाजे उठाकर आए
    और वो पूछते हैं आखिर मरा कौन
    मरने वाले को भी हम ही ठोककर आए
    लेकिन फिर भी वो पूछते हैं आखिर दुनिया छोड़कर गया कौन
    इतना गिर जाएंगे ये, हमें भरोसा न था
    अपनों की ही मौत से मुकर जाएंगे हमने सोचा न था
    हमसे तो ये गद्दारी करते रहे हैं, इसकी हमें आदत सी हो गई है
    लेकिन अपनों के जनाजे पर भी ये सियासत खेलेंगे ये हमें भरोसा न था
    लाशें बनाकर जिन्हें हम छोड़ आए सरहद के उस पार
    उनको दबाने के बाद वो पूछते हैं आखिर हुआ क्या
    जो इतना बवाल हमारे शहर में हो गया
    जनाजा कांधे पर उठाकर रखा है
    और पूछते अल्ला मियां को कौन प्यारा हो गया
    तो सुनो तुम्हारे शहर से वहीं रुखसत हुए हैं जिन्हें हम ठोककर आए हैं
    बेगुनाहों का बहाते थे जो खून उनको हम मौत की नींद सुलाकर आए हैं
    सुबूत चाहिए तो उन गड्ढों को खोद कर देख लेना
    दफन है जो मिट्टी में उनसे भी जरा पूछ लेना
    वो बोलेंगे कि भारतीयों से अब पंगा मत लेना
    दिमाग के उजड़े कोने से

  2. MUKESH KUMAR

    Respect sir
    We beg to state that life of para military (BSF, SSB, ITBP , CRPF, ASSAM RIFLE) is more difficult than Military (ARMY,AIR FORCE, NAVY) but more facilities different between Military and Para Military. …
    Para Military facilities is as under
    1. No martyr status only in news
    2. No canteen facilities
    3. No pension after 1.1.2004
    4. No Military service pay
    Therefore it is requested that please read about above matter.
    Now We have no hope from government. .. please
    Thanking u

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